कमर दर्द (Lower Back Pain): कारण, बचाव और इलाज | Causes, Prevention and Treatment of Back Pain

कमर दर्द (Lower Back Pain): लंबे समय तक बैठने से होने वाला दर्द, कारण, इलाज और ऑफिस एक्सरसाइज़


लंबे समय तक बैठने से होने वाला कमर दर्द क्यों बढ़ रहा है? (Why Back Pain Is Increasing Due to Prolonged Sitting)

आज की लाइफस्टाइल में कमर दर्द (Back Pain) केवल बुज़ुर्गों की समस्या नहीं रह गई है। ऑफिस में काम करने वाले युवा, शिक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर, CSC संचालक, कंटेंट राइटर और ऑनलाइन काम करने वाले लोग भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। दिन के 7–10 घंटे एक ही जगह बैठकर काम करना अब सामान्य हो गया है। इसी वजह से Lower Back Pain भारत में सबसे तेजी से बढ़ती lifestyle disease बन चुकी है।

जब हम लंबे समय तक लगातार बैठे रहते हैं, तो हमारी रीढ़ की हड्डी (Spine) और कमर की मांसपेशियों पर लगातार दबाव बना रहता है। शरीर को मूवमेंट नहीं मिल पाता, खून का प्रवाह कम हो जाता है और धीरे-धीरे दर्द शुरू हो जाता है। शुरू में यह दर्द हल्का लगता है, लेकिन समय के साथ यह chronic back pain में बदल सकता है।

WHO और Indian Orthopaedic Association की रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में लगभग 60–70% लोग अपने जीवन में कभी न कभी कमर दर्द से प्रभावित होते हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो ज़्यादातर समय कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं।

कमर दर्द (Lower Back Pain) क्या है? What Is Lower Back Pain?

कमर दर्द वह स्थिति है जिसमें रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से, आसपास की मांसपेशियों, नसों या डिस्क में दर्द, जकड़न या जलन महसूस होती है। यह दर्द कुछ घंटों का भी हो सकता है और कई महीनों या सालों तक भी रह सकता है।

Medical science में इसे मुख्यतः तीन प्रकारों में बाँटा जाता है।
Acute Back Pain जो 2–6 हफ्तों तक रहता है।
Sub-acute Back Pain जो 6–12 हफ्तों तक रह सकता है।
Chronic Back Pain जो 3 महीने से ज़्यादा समय तक बना रहता है।

ऑफिस में बैठकर काम करने वालों में अधिकतर chronic lower back pain देखने को मिलता है।

ज़्यादा देर बैठने से कमर दर्द होने के मुख्य कारण ( Major Causes of Back Pain Due to Long Sitting)

लंबे समय तक बैठने से होने वाला कमर दर्द किसी एक कारण से नहीं होता, बल्कि कई छोटे-छोटे कारण मिलकर इसे गंभीर बना देते हैं।

सबसे पहला कारण गलत पोश्चर (Bad Sitting Posture) है। जब हम झुककर, आगे की ओर गर्दन निकालकर या पीठ मोड़कर बैठते हैं, तो रीढ़ की प्राकृतिक बनावट बिगड़ जाती है। इससे spine discs पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।

दूसरा बड़ा कारण movement की कमी है। लगातार बैठे रहने से कमर और पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इन्हें core muscles कहा जाता है। जब core कमजोर होता है, तो पूरी जिम्मेदारी रीढ़ पर आ जाती है।

तीसरा कारण है कुर्सी और टेबल की गलत ऊंचाई। अगर कुर्सी बहुत नीची या बहुत ऊंची है, या पैरों का पूरा तल ज़मीन पर नहीं टिकता, तो कमर पर सीधा असर पड़ता है।

चौथा कारण मोटापा (Obesity) है। पेट का बढ़ा हुआ वजन सीधे lower back पर दबाव डालता है।

पांचवां कारण stress और मानसिक दबाव भी है। Research बताती है कि लंबे समय तक मानसिक तनाव रहने से मांसपेशियां लगातार tight रहती हैं, जिससे back pain बढ़ता है।

ऑफिस में काम करने वालों में कमर दर्द के लक्षण (Symptoms of Back Pain in Office Workers)

ऑफिस में बैठकर काम करने वाले लोगों में कमर दर्द के लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं। शुरुआत में केवल बैठने के बाद उठते समय हल्का दर्द महसूस होता है। कुछ समय बाद यह दर्द लंबे समय तक बैठने या खड़े होने पर बढ़ने लगता है।

अक्सर लोग बताते हैं कि सुबह उठते समय कमर अकड़ी हुई लगती है। कभी-कभी दर्द कमर से होकर एक पैर तक जाने लगता है, जिसे sciatica pain कहा जाता है। कुछ मामलों में झुकने, सीढ़ी चढ़ने या वजन उठाने में भी परेशानी होती है।

अगर दर्द के साथ पैर में सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी महसूस हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

कमर दर्द को नज़रअंदाज़ करना क्यों खतरनाक है? (Why Ignoring Back Pain Can Be Dangerous)

अधिकतर लोग कमर दर्द को सामान्य थकान समझकर painkiller ले लेते हैं और काम में लगे रहते हैं। लेकिन लंबे समय तक दर्द को ignore करने से slip disc, nerve compression, spinal degeneration जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

Research के अनुसार, untreated chronic back pain future में mobility issues, work productivity loss और depression तक का कारण बन सकता है। इसलिए समय रहते lifestyle correction और exercise बहुत ज़रूरी है।

ऑफिस में बैठकर करने वाली 5 मिनट की एक्सरसाइज़ (5-Minute Sitting Exercises for Office Back Pain)

कमर दर्द से बचाव के लिए सबसे आसान और असरदार तरीका है कि हर 30–40 मिनट में थोड़ा movement किया जाए। अगर ऑफिस में ज़्यादा समय नहीं मिलता, तो नीचे दी गई 5 मिनट की exercises बहुत उपयोगी हैं।

सबसे पहले seated spinal stretch करें। कुर्सी पर सीधे बैठें, दोनों हाथ ऊपर उठाएं और गहरी सांस लेते हुए रीढ़ को ऊपर की ओर खींचें। 10–15 सेकंड रोकें और छोड़ दें। यह spine compression को कम करता है।

दूसरी exercise seated forward bend है। कुर्सी पर बैठकर धीरे-धीरे आगे झुकें, हाथ घुटनों या पैरों की ओर ले जाएं। 15–20 सेकंड रुकें। इससे lower back muscles relax होती हैं।

तीसरी exercise seated twist है। सीधे बैठें, दाहिने हाथ को कुर्सी की पीठ पर रखें और शरीर को धीरे-धीरे दाईं ओर मोड़ें। 10 सेकंड रुकें और दूसरी तरफ दोहराएं। यह spinal flexibility बढ़ाता है।

चौथी exercise shoulder roll और neck relaxation है। कंधों को गोल-गोल घुमाएं और गर्दन को हल्का दाएं-बाएं झुकाएं। इससे upper और lower back दोनों को राहत मिलती है।

पांचवीं exercise heel-toe movement है। कुर्सी पर बैठे-बैठे पैरों को आगे-पीछे हिलाएं, कभी एड़ी उठाएं, कभी पंजा। यह blood circulation बेहतर करता है और stiffness कम करता है।

इन exercises को दिन में 3–4 बार करने से कमर दर्द में स्पष्ट सुधार देखा गया है।

कमर दर्द से बचाव के लिए सही बैठने का तरीका (Correct Sitting Posture to Prevent Back Pain)

सही posture अपनाना कमर दर्द prevention का सबसे मजबूत आधार है। कुर्सी पर बैठते समय पीठ सीधी रखें और lower back को chair support दें। अगर कुर्सी में support नहीं है, तो छोटा cushion या rolled towel इस्तेमाल किया जा सकता है।

पैर ज़मीन पर पूरे टिके होने चाहिए और घुटने hip level से थोड़े नीचे रहें। स्क्रीन आंखों के level पर होनी चाहिए ताकि गर्दन आगे न झुके।

(घरेलू उपाय और lifestyle changes (Home Remedies and Lifestyle Changes for Back Pain)

कमर दर्द के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहना सही नहीं है। Lifestyle में छोटे-छोटे बदलाव बड़ा असर डालते हैं। रोज़ 20–30 मिनट की walk, हल्की stretching और योगासन जैसे भुजंगासन, मकरासन बहुत फायदेमंद हैं।

गर्म पानी की सिकाई blood flow बढ़ाती है और muscle stiffness कम करती है। सोते समय बहुत नरम mattress से बचना चाहिए।

कब डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है? (When to Consult a Doctor for Back Pain)

अगर कमर दर्द 7–10 दिन से ज्यादा बना रहे, painkiller से भी आराम न मिले, या दर्द पैर तक फैल रहा हो, तो orthopaedic doctor या physiotherapist से मिलना जरूरी है। समय पर जांच से बड़ी समस्या टाली जा सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1. क्या लंबे समय तक बैठना कमर दर्द का सबसे बड़ा कारण है?
हाँ, prolonged sitting lower back pain का प्रमुख कारण माना जाता है, खासकर जब posture गलत हो।

Q2. क्या ऑफिस एक्सरसाइज़ सच में असर करती हैं?
Research बताती है कि short movement breaks और sitting exercises chronic back pain के risk को 40–50% तक कम कर सकती हैं।

Q3. क्या कमर दर्द पूरी तरह ठीक हो सकता है?
अधिकतर मामलों में lifestyle correction, exercise और सही posture से कमर दर्द काफी हद तक ठीक हो जाता है।

Q4. क्या रोज़ painkiller लेना सुरक्षित है?
नहीं, लंबे समय तक painkiller लेने से kidney और stomach पर असर पड़ सकता है।

Important Resource Links

WHO – Musculoskeletal Conditions Overview https://www.who.int

AIIMS Orthopaedics Department Information https://www.aiims.edu

Indian Orthopaedic Association Guidelines https://www.ioaindia.org

कमर दर्द (Lower Back Pain) आज की lifestyle का नतीजा है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। सही posture, नियमित movement और छोटी-छोटी exercises से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। ऑफिस में बैठकर की जाने वाली 5 मिनट की एक्सरसाइज़ लंबे समय में आपकी spine को स्वस्थ रख सकती हैं। दर्द को नज़रअंदाज़ न करें, बल्कि समय रहते अपने शरीर की सुनें।

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